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कोठी अटारी पे आए कागा
नथुनी बेसर छू छू भागे
चांद चकोर से मन जो लागा
प्राण पखेरू न उड़ मिल जाए
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सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर5
प्रतापगढ़ , उत्तर प्रदेश,
भारत
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कोठी अटारी पे आए कागा
नथुनी बेसर छू छू भागे
चांद चकोर से मन जो लागा
प्राण पखेरू न उड़ मिल जाए
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सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर5
प्रतापगढ़ , उत्तर प्रदेश,
भारत
आज चांद का रंग कुछ बदला ,
' प्रिय ' ने शायद देख लिया ।
लाल तभी है मेरा मुखड़ा,
नैन उतर दिल नेह किया ।।
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर5