MUSKURA KE TO JAAIYE

रविवार, 13 मई 2012

माँ अति प्यारी !


असीमित विस्तार 
ममता अपार
माँ का प्यार !
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सुख की मेह
करुना सागर
माँ का नेह !
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त्याग  वलिदान 
सुख की खान
"माँ" एक नाम !
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खुशियाँ किलकारी
सर्व दुःखहारी
माँ अति प्यारी !
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मरू में छाया
अमृत धारा
माँ की माया !
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दो कुल का कुल-दीपक
'लक्ष्मी'-जनती -कुल-दीपक
रचती -माँ-पिता-माँ  ही "एक" !
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शिशु की जान
हम सब की  पहचान
माँ -एक नाम !
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देश की आन , बान ,शान
धरोहर , कला, विज्ञान
रच "शिशु" देती “माँ” अनोखा  दान  !
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सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
कुल्लू यच पी
१३.०५.२०१२ ८-८.२५ पूर्वाह्न

2 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय सतीश जी आप आये मन ख़ुशी से उछल पड़ा ..प्रोत्साहन और अपना स्नेह यों ही बनाये रखें कृपया ....जय श्री राधे
    आभार -भ्रमर ५
    भ्रमर का दर्द और दर्पण

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